तुर्क वैज्ञानिक ओदगोर शाही को कैंसर का टीका तैयार करने, ईरान के अली ख़ादिम हुसैनी को नैनो बायो जेल की तैयारी और तुर्की के इमरान इनान को धरती के कक्ष के निकट के वातावर में लहरों और कणों पर जांच अंजाम देने, ईरान के हुसैन बहारवंद को स्टेम सेल पर नवीन शोध पर जबकि ईरान ही के मुहम्मद अब्दुल वंद को कैंसर की पहचान की नवीन शैली का अविष्कार करने पर इस साल अलमुस्तफ़ा इन्टरनेश्नल एवार्ड के लिए चुना गया है।
अलमुस्तफ़ा एवार्ड या इस्लामी नोबल पुरस्कार कमेटी ने शनिवार को अपना काम शुरु किया था जिसमें ईरान और विदेशी बुद्धिजीवी और वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं।
ज्ञात रहे कि अलमुस्तफ़ा के नाम से इस्लामी नोबल पुरस्कार हर दो साल बाद इस्लामी जगत के बेहतरीन वैज्ञानिकों और बुद्धिजीवियों को मानव जीवन में उनकी उल्लेखनीय सेवाओं की वजह से दिया जाता है।